हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित अग्रवाल भवन में 25 मई से 31 मई 2026 तक आयोजित कथा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ निरंतर जारी है। कथा के दौरान व्यास पीठ पर विराजमान चंडीगढ़ निवासी पूज्य श्री मुकुंद हरि जी महाराज अपने मधुर एवं ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का अमृतपान करा रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं तथा भगवान की लीलाओं और गुरु महिमा का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं। कथा पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है, जहां भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचनों से पूरा परिसर भक्तिमय दिखाई दे रहा है।

इस अवसर पर चंडीगढ़ से पधारे अग्रवाल भवन के संस्थापक श्री दिलीप गुप्ता जी ने गुरु की महिमा और कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर सत्य और धर्म के मार्ग पर अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, सदाचार और मानवता का संदेश देने का माध्यम भी है। कथा के माध्यम से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है।
श्री दिलीप गुप्ता जी ने अग्रवाल भवन की स्थापना और निर्माण यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2012 में अग्रवाल भवन की पहली बिल्डिंग का निर्माण कराया गया था। श्रद्धालुओं और सामाजिक कार्यों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए वर्ष 2021 में दूसरी बिल्डिंग का निर्माण किया गया तथा वर्ष 2025 में तीसरी बिल्डिंग तैयार होकर सेवा कार्यों के लिए समर्पित की गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अग्रवाल भवन में लगभग 160 कमरे उपलब्ध हैं, जो आधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आरामदायक व्यवस्था प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि अग्रवाल भवन में स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाता है। यहां नियमित रूप से साफ-सफाई की व्यवस्था रहती है तथा कैंटीन में श्रद्धालुओं को स्वच्छ, ताजा और सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि भवन का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण और सेवा भाव का अनुभव कराना भी है। यही कारण है कि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के बीच अग्रवाल भवन विशेष पहचान बना चुका है।
श्री गुप्ता ने यह भी बताया कि भारत के विभिन्न शहरों और तीर्थ स्थलों पर भी अग्रवाल समाज द्वारा ऐसे कई भवन संचालित किए जा रहे हैं, जो निरंतर धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन भवनों के माध्यम से समाज सेवा, धर्म प्रचार, सत्संग, कथा आयोजन और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य निरंतर किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित कर सेवा और संस्कार की भावना को आगे बढ़ाना ही इन संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य है।
कथा आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन कथा श्रवण के बाद भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया जा रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि श्री मुकुंद हरि जी महाराज के मुखारविंद से कथा सुनने का सौभाग्य उन्हें आत्मिक शांति और भक्ति का अनुभव करा रहा है। पूरे आयोजन में भक्तों की आस्था, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
