भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह का राष्ट्रीय चिंतन शिविर हरिद्वार में सफलतापूर्वक सम्पन्न
किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु केन्द्र सरकार को सौंपा गया 11 सूत्रीय मांग-पत्र



हरिद्वार, 17 जून 2026। भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी के नेतृत्व में 15, 16 एवं 17 जून 2026 को हरिद्वार के भूपतवाला स्थित

कबीर आश्रम प्रांगण में आयोजित त्रिदिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। तीन दिनों तक चले इस राष्ट्रीय शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए किसान प्रतिनिधियों, संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं किसान नेताओं ने भाग लेकर कृषि क्षेत्र से जुड़े ज्वलंत मुद्दों, किसानों की वर्तमान चुनौतियों, किसान हितों की सुरक्षा तथा संगठन के विस्तार को लेकर व्यापक मंथन किया।
चिंतन शिविर के दौरान किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने, फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, कृषि लागत कम करने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, सिंचाई एवं बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने, कृषि शिक्षा के विस्तार तथा किसान कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और सुझावों को मंच पर रखा तथा किसानों के हित में एक सशक्त राष्ट्रीय नीति की आवश्यकता पर बल दिया।


शिविर में संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों एवं प्रदेश इकाइयों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा भी की गई। संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने, युवा किसानों को संगठन से जोड़ने तथा किसान एकता को और अधिक सशक्त बनाने की रणनीति तैयार की गई।

पदाधिकारियों ने कहा कि किसान हितों की रक्षा के लिए मजबूत संगठन और व्यापक जनजागरण अभियान की आवश्यकता है।



राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन अवसर पर भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी ने किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार को संबोधित 11 सूत्रीय मांग-पत्र मुख्य अतिथि भारतीय नमो संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मन्नू सिंह तोमर एवं उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री देशराज सिंह कर्णवाल को सौंपा। संगठन ने मांग की कि किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए केन्द्र सरकार शीघ्र प्रभावी कदम उठाए।


ज्ञापन में राष्ट्रीय किसान आयोग के गठन, आलू एवं गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने, डीएपी एवं यूरिया संकट के समाधान, फार्मर आईडी प्रक्रिया को सरल बनाने, किसानों की कर्ज मुक्ति योजना लागू करने, हाथरस में चौधरी चरण सिंह केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, प्राकृतिक खेती को विशेष प्रोत्साहन देने, किसानों को निर्बाध बिजली एवं सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संपूर्ण किसान कर्ज मुक्ति जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल की गईं।


राष्ट्रीय किसान आयोग गठन पर विशेष जोर
संगठन ने मांग की कि किसानों की आय, कृषि लागत, फसल मूल्य, प्राकृतिक आपदाओं तथा किसान कल्याण से जुड़े विषयों पर संवैधानिक अधिकारों से युक्त राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया जाए तथा उसकी अनुशंसाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। संगठन का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त आयोग किसानों की समस्याओं के समाधान और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


प्राकृतिक खेती और कृषि सुधारों पर विशेष चर्चा
चिंतन शिविर में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि रासायनिक खेती की बढ़ती लागत के बीच प्राकृतिक खेती किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है। संगठन ने मांग की कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की उपज की खरीद सामान्य एमएसपी से दो गुना मूल्य पर की जाए तथा उन्हें विशेष प्रशिक्षण, प्रोत्साहन पैकेज और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।


किसानों की समस्याओं के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा
राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारत का किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास का आधार स्तंभ है। उन्होंने कहा कि किसानों को न्यायसंगत मूल्य, सस्ती कृषि लागत, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं तथा सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना समय की मांग है। किसानों की समृद्धि से ही भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि संगठन किसानों के हितों के लिए संघर्ष और संवाद दोनों मार्गों पर कार्य करता रहेगा। किसान विरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा तथा किसानों की आवाज को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।


राष्ट्रीय महापंचायत बुलाने की चेतावनी


राष्ट्रीय चिंतन शिविर में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन केन्द्र सरकार से किसानों की प्रमुख मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा करता है। यदि सरकार द्वारा किसानों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आसपास आयोजित होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के किसानों की विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति और आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
हालांकि संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों के हित में समाधान निकालने के लिए तब तक केन्द्र सरकार के साथ संवाद और वार्ता की प्रक्रिया निरंतर जारी रखी जाएगी।


बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री संतोष शाह, राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्यवीर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रवेन्द्र चौबे, प्रदेश प्रवक्ता सीमा शर्मा, जिला अध्यक्ष मेरठ हिमांशु त्यागी, मेंबर सिंह रावत, प्रदेश संगठन मंत्री फौरन सिंह रावत, जिला अध्यक्ष अलीगढ़ अमर नोहवार, जिला अध्यक्ष मथुरा धर्मेंद्र तोमर, जिला अध्यक्ष आगरा नरेंद्र गुर्जर, युवा जिला अध्यक्ष मथुरा अमित चौधरी, मंडल अध्यक्ष अलीगढ़ निधिराज यादव, युवा मंडल अध्यक्ष अलीगढ़ सुनीत चौधरी, प्रदेश सचिव रामगोपाल बघेल, मंडल अध्यक्ष आगरा निर्मला ठाकुर, जिला प्रभारी सहारनपुर आसिफ खान, जिला अध्यक्ष अमरोहा कुलदीप त्यागी, क्षेत्र अध्यक्ष रोहिलखंड राहुल शर्मा, पूजा, संगीता देवी, महेंद्र सिंह, मुख्य संरक्षक कृपाल सिंह बाबूजी तथा जिला अध्यक्ष हरिद्वार अनीता मित्तल सहित बड़ी संख्या में किसान एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।


त्रिदिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर का समापन किसान एकता, संगठन विस्तार और किसान हितों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार सकारात्मक पहल करेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
जारीकर्ता:
धर्मेन्द्र चौधरी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह

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