चिन्मयानन्द धाम में संत समागम एवं विशाल भंडारे का आयोजन, राम नाम की महिमा का किया गुणगान


ममता चौहान 

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित चिन्मयानन्द धाम में प्रख्यात कथा वाचक पूज्य श्री चिन्मयानन्द बापू के पावन सानिध्य में भव्य संत समागम एवं विशाल संत भंडारे का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
विशाल संत भंडारे का आयोजन मेरठ पब्लिक स्कूल की संस्थापक श्रीमती कुसुम शर्मा द्वारा कराया गया। इस अवसर पर आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा तथा संतों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कथा व्यास पूज्य श्री चिन्मयानन्द बापू ने भगवान श्रीराम के नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में “राम” केवल एक नाम नहीं, बल्कि शक्ति, अनुभूति और आदर्श का दिव्य प्रकाश है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का नाम ऐसा दिव्य मंत्र है, जो करोड़ों लोगों के जीवन में आशा, शांति और सद्गुणों का दीप प्रज्ज्वलित करता है।
उन्होंने कहा कि राम नाम का स्मरण करते ही मन में अलौकिक शांति का संचार होता है। यह नाम मनुष्य के दुखों का निवारण कर उसे आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है तथा जीवन को सही दिशा देने का सामर्थ्य रखता है। राम नाम के जाप से मन निर्मल होता है और व्यक्ति के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है।
संत समागम के दौरान उपस्थित संत-महात्माओं ने भी सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में सभी संतों, महापुरुषों एवं श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान चिन्मयानन्द धाम भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के जयघोष से गुंजायमान रहा।

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