श्री श्याम वैकुंठ धाम में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, संतों ने दिया सनातन और राष्ट्रभक्ति का संदेश

संवाददाता ममता चौहान

हरिद्वार, वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद। श्यामपुर स्थित श्री श्याम वैकुंठ धाम में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान परम पूज्य श्री महंत श्यामसुंदर जी महाराज के पतित-पावन सानिध्य में भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री परम पूज्य स्वामी यतीश्वरानंद जी महाराज ने करकमलों से राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान आश्रम परिसर राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिकता और सनातन संस्कृति के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परम पूज्य श्री महंत श्यामसुंदर जी महाराज ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की आजादी महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। भारत की शक्ति केवल उसकी सीमाओं और सामर्थ्य में नहीं, बल्कि उसकी महान आध्यात्मिक परंपरा और सनातन संस्कृति में भी निहित है। गुरु परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, त्याग, सदाचार और राष्ट्रहित के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। सनातन संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और मानव मात्र की सेवा का संदेश देती है। उन्होंने युवा पीढ़ी से राष्ट्र और संस्कृति के प्रति गौरव की भावना रखते हुए देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।


अनंत विभूषित श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर डॉ. राजेश्वर दास जी महाराज ने कहा कि स्वतंत्रता केवल बंधनों से मुक्ति का नाम नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने का संदेश भी है। भारत की आध्यात्मिक विरासत सदैव विश्व के लिए मार्गदर्शक रही है। राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है, जब समाज में संस्कार, सद्भाव, सेवा और राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत हो। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।


माता अंजना देवी मंदिर के श्री महंत सतीश गिरी जी महाराज ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीर सपूतों के त्याग और बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के साथ भारत की गौरवशाली सनातन परंपरा और संत-महापुरुषों के आदर्शों से भी परिचित कराना आवश्यक है।


पूर्व कैबिनेट मंत्री परम पूज्य स्वामी यतीश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और समाज के प्रति सेवा की भावना प्रत्येक नागरिक के जीवन का हिस्सा होनी चाहिए। संत समाज सदैव राष्ट्र, धर्म, संस्कृति और समाज के उत्थान के लिए मार्गदर्शन करता रहा है। उन्होंने सभी से गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर सशक्त, संस्कारित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।


स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्री श्याम वैकुंठ धाम में भगवान शिव का रुद्राभिषेक, बाल भोग एवं बटुक भोजन तथा संत-भक्त भंडारे का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। संत-महात्माओं ने देश की एकता, अखंडता, सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए मंगलकामना की। श्रद्धालुओं ने राष्ट्रध्वज को नमन करते हुए देशभक्ति के भाव के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया


इस अवसर पर श्री अशोक त्यागी, श्री राहुल गुप्ता, श्री रॉबिन गुप्ता, राकेश वालिया, रितेश शर्मा, भावना श्रावांजलि, डॉ. सीके मिश्रा, श्री गोपाल गर्ग, बीके मिश्रा, अश्विनी शर्मा, मोहित वालिया, अरविंद कुमार, महंत सतीश गिरी महाराज, जाकिर खान, शाहिद सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु एवं विशिष्टजन उपस्थित रहे।
श्री श्याम वैकुंठ धाम का यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, गुरु भक्ति और सनातन संस्कृति के सुंदर संगम का संदेश देता नजर आया।

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