संवाददाता ममता चौहान
गुरु श्री गोरखनाथ जी अलख अखाड़े का 14वां महामंडलेश्वर पट्टा अभिषेक समारोह संपन्न
ज्योतिषाचार्य, साधक, तांत्रिक एवं धर्मप्रेमियों का हुआ आध्यात्मिक महासम्मेलन
हरिद्वार। गुरु श्री गोरखनाथ जी अलख अखाड़े की ओर से 14वें महामंडलेश्वर पट्टा अभिषेक समारोह का भव्य आयोजन शुक्रवार को धर्मनगरी हरिद्वार में किया गया। हर की पौड़ी की पावन भूमि पर दोपहर 12 बजे शुरू हुए समारोह में धर्म, साधना, ज्योतिष एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े संतों, आचार्यों, साधकों, तांत्रिकों और धर्मप्रेमियों ने सहभागिता की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
समारोह का प्रमुख आकर्षण श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर डॉ. हर्षिता जी महाराज का पट्टा अभिषेक रहा। गुरु श्री गोरखनाथ की परंपरा और सनातन साधना पद्धति से जुड़े इस आयोजन में संत परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा तथा धार्मिक दायित्वों के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। वैदिक एवं आध्यात्मिक विधि-विधान के बीच हुए पट्टा अभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने संत परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
ज्योतिषाचार्यों और साधकों का विशेष सम्मेलन आध्यात्मिक महासम्मेलन में ज्योतिषाचार्यों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें जन्मकुंडली, हस्तरेखा, अंक ज्योतिष सहित विभिन्न ज्योतिषीय विषयों पर मार्गदर्शन एवं विचार-विमर्श किया गया। वहीं चौकी दरबार में साधना और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए श्रद्धालुओं की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं के समाधान पर मार्गदर्शन दिया गया।
साधकों के लिए आयोजित विशेष सत्र में आध्यात्मिक साधना, दीक्षा, ध्यान और ऊर्जा जागरण जैसे विषय प्रमुख रहे। वहीं तांत्रिक सम्मेलन में तंत्र साधना, सिद्धि एवं इससे जुड़े आध्यात्मिक विषयों पर विद्वानों और साधकों ने अपने विचार साझा किए। सम्मेलन का उद्देश्य साधना की विभिन्न परंपराओं को समझने और उनके आध्यात्मिक पक्ष पर सार्थक संवाद स्थापित करना रहा।
धर्म और साधना जगत से जुड़े लोगों ने की सहभागिता
गंगा तट की पावन धरती पर आयोजित इस आध्यात्मिक महासम्मेलन में संत समाज, ज्योतिषाचार्य, साधक, कथा व्यास, तांत्रिक साधना से जुड़े प्रतिनिधि तथा धर्मप्रेमी श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन के दौरान सनातन धर्म, गुरु-शिष्य परंपरा, आध्यात्मिक साधना और भारतीय धार्मिक संस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया गया।
सनातन परंपरा और साधना को आगे बढ़ाने का संकल्प
गुरु श्री गोरखनाथ जी अलख अखाड़ा सनातन धर्म, गुरु-शिष्य परंपरा, साधना, योग, मंत्र एवं सेवा को अपनी गतिविधियों का प्रमुख आधार मानता है। समारोह में संतों एवं साधकों ने सनातन संस्कृति की मूल भावना को जन-जन तक पहुंचाने तथा आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं, संस्कारों और सनातन संस्कृति से जोड़ना आवश्यक है। ऐसे आयोजन समाज में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा एवं संतों के सानिध्य का अनुभव किया। हरिद्वार की पावन धरती पर आयोजित यह महासम्मेलन धर्म, साधना और सनातन परंपरा के विविध आयामों को एक मंच पर समेटने वाला महत्वपूर्ण आयोजन रहा।
