हरिद्वार। हरिपुर कला स्थित श्री गीता कुटीर तपोवन आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हो रहा है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को अन्न और जल की महत्ता बताते हुए इनके सदुपयोग तथा संरक्षण का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि अन्न और पानी ईश्वर का अमूल्य प्रसाद हैं, इसलिए इनके प्रति सम्मान और संयम का भाव रखना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
कथा में स्वच्छता, पूजा-पाठ एवं धार्मिक संस्कारों के महत्व पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। श्रद्धालुओं को अपने घर, मंदिर एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा नियमित रूप से पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक जीवन को अपनाने की प्रेरणा दी गई। कथा स्थल पर स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और अनुशासित बना रहा।
कैलाश गुप्ता ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को नैतिकता, सेवा, सद्भाव और संस्कारों का संदेश देने का माध्यम है। उन्होंने शासन एवं प्रशासन द्वारा धार्मिक आयोजनों में उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं तथा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो रहे हैं।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का रसपान किया। आयोजन में शकुंतला गुप्ता, अमित बंसल, विकास बंसल, अजय गुप्ता, अनिल अरोड़ा सहित करनाल से आए अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के समापन पर प्रसाद वितरण एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
हरिपुर कला स्थित श्री गीता कुटीर तपोवन आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन, सेवा और स्वच्छता का दिया संदेश
