हरिद्वार, 15 जून 2026। जिला पंचायत हरिद्वार की बोर्ड बैठक में जनहित एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अने
क महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा करते हुए उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना तथा जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना रहा। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) को प्राथमिकता देते हुए वैज्ञानिक ढंग से कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया गया। ग्राम पंचायतों में घर-घर कूड़ा संग्रहण, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण तथा स्वच्छता अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। सदस्यों ने कहा कि स्वच्छ गांव ही स्वस्थ समाज की आधारशिला हैं और इसके लिए पंचायत स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाना आवश्यक है।
पशुपालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठक में मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी प्रमुखता से रखा गया। इस सेवा के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं का समय पर उपचार, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा। सदस्यों ने कहा कि इससे पशुधन की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के उद्देश्य से ग्रामीण पुस्तकालय योजना को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। पंचायत स्तर पर पुस्तकालय स्थापित कर विद्यार्थियों और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन सामग्री और ज्ञानवर्धन के अवसर उपलब्ध कराने की योजना पर विचार किया गया। सदस्यों ने इसे ग्रामीण शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
जिला पंचायत सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों की विकास संबंधी आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करने का आह्वान किया गया। इस दौरान सदस्यों ने सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, जल निकासी, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए तथा उनके शीघ्र समाधान की मांग की। बैठक में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। जिला पंचायत बोर्ड ने ग्रामीण विकास, स्वच्छता, शिक्षा एवं पशुपालन क्षेत्रों में निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि हरिद्वार जनपद के गांवों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और विकसित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बैठक के अंत में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सामूहिक रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया तथा जनहित से जुड़े प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए शीघ्र कार्यवाही प्रारंभ करने का आश्वासन दिया।
