संवाददाता ममता चौहान
महंत डॉ. रविंद्र पुरी के नेतृत्व में भोजन, विश्राम और सेवा की उत्तम व्यवस्था, कांवड़ मेले की सफलता हेतु प्रतिदिन हो रहा विशेष अनुष्ठान
सावन मास की पावन बेला में धर्मनगरी हरिद्वार पूर्णतः शिवमय वातावरण से सराबोर है। देश के विभिन्न राज्यों से लाखों शिवभक्त हर की पौड़ी से पवित्र गंगाजल लेकर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। श्रद्धालु कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी एवं महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करेंगे। सम्पूर्ण हरिद्वार इन दिनों शिवभक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति की दिव्य छटा से आलोकित दिखाई दे रहा है
इसी पुण्य अवसर पर मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज के सान्निध्य में चरण पादुका मंदिर परिसर में विशाल कांवड़ सेवा शिविर संचालित किया जा रहा है। शिविर में कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, प्रसाद, विश्राम, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है। हजारों शिवभक्त प्रतिदिन शिविर में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं तथा श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर अपनी यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं का भी बड़ी संख्या में शिविर में निरंतर आगमन हो रहा है।
श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज कांवड़ मेले के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण संचालन की कामना को लेकर प्रतिदिन मां मनसा देवी के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, संयम, अनुशासन, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति की महान विरासत का जीवंत स्वरूप है। शिवभक्तों की सेवा करना स्वयं भगवान शिव की सेवा के समान पुण्यदायी कार्य है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का मूल संदेश मानवता, करुणा, सेवा, सहिष्णुता और समरसता है। कांवड़ यात्रा इन सभी मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनती है। लाखों श्रद्धालुओं का अनुशासित ढंग से आस्था के साथ यात्रा करना भारत की आध्यात्मिक शक्ति और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है। हरिद्वार सदियों से संत-महात्माओं की तपोभूमि रही है और कांवड़ यात्रा के दौरान यहां संतों का मार्गदर्शन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बन जाता है।
सावन माह में अनेक संत-महात्मा एवं समाज के गणमान्य लोग भी चरण पादुका मंदिर पहुंचकर श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इसी क्रम में अवधूत मंडल के महाराज श्री संतोषानंद जी महाराज तथा शांभवी धाम, भूपतवाला के श्री स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज चरण पादुका मंदिर पहुंचे और श्रीमहंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज से भेंट कर कांवड़ सेवा शिविर की व्यवस्थाओं की सराहना की।
इस अवसर पर निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत श्री राम रतन गिरी जी, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद जी महाराज सहित अनेक संत, श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी संतों ने कांवड़ यात्रियों की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए कहा कि शिवभक्तों की निस्वार्थ सेवा से समाज में सद्भाव, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था और अधिक सुदृढ़ होती है।
कांवड़ यात्रा के दौरान चरण पादुका मंदिर का यह सेवा शिविर श्रद्धा, सेवा और समर्पण का प्रेरणादायी केंद्र बन गया है, जहां प्रतिदिन हजारों शिवभक्त सेवा, सत्कार और संतों के आशीर्वाद का लाभ प्राप्त कर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को और अधिक सार्थक बना रहे हैं।
