ममता चौहान
हरिद्वार। श्यामपुर क्षेत्र के गाजीवाला स्थित मोहन गोकुलधाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर पूज्य श्री कृष्णा संजय जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। समारोह में साधु-संतों का सम्मान किया गया तथा सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे एवं प्रसाद की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई।
अपने आशीर्वचन में श्री कृष्णा संजय जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन काल से गुरु परंपरा ही सनातन संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति रही है। गुरु पूर्णिमा आत्मचिंतन, सेवा, समर्पण और गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है।
महाराज श्री ने बताया कि मोहन गोकुलधाम में समय-समय पर श्रीमद्भागवत कथा सहित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और मानवता की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने आगामी कुंभ पर्व की महत्ता पर भी प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं से धर्म और सेवा की भावना के साथ सहभागी बनने का आह्वान किया।
सावन माह का उल्लेख करते हुए श्री कृष्णा संजय जी महाराज ने कहा कि हरिद्वार भगवान शिव की अनन्य भक्ति का केंद्र है। देशभर से आने वाले कांवड़िए हर की पैड़ी से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं। उन्होंने सभी शिवभक्तों और कांवड़ यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए संयम, अनुशासन, शांति और श्रद्धा के साथ यात्रा संपन्न करने का संदेश दिया तथा उनकी मंगलमय, सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव का समापन भक्ति, गुरु वंदना, संत सम्मान और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
