हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए किसान प्रतिनिधियों, कृषि विशेषज्ञों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वर्तमान कृषि व्यवस्था, किसानों की चुनौतियों और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास पर विस्तृत मंथन किया। शिविर की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने की। चिंतन शिविर में किसानों के हितों की रक्षा तथा कृषि को लाभकारी एवं सम्मानजनक व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्हें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन के रूप में भेजा गया।
ज्ञापन में राष्ट्रीय किसान आयोग के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का कहना है कि किसानों की आय, लागत, फसल मूल्य, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान तथा कृषि नीतियों से जुड़े विषयों पर संवैधानिक अधिकारों से युक्त एक प्रभावी राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया जाए, जिससे किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।
शिविर में आलू एवं गन्ना उत्पादक किसानों की समस्याओं पर भी विशेष चर्चा हुई। संगठन ने आलू का लाभकारी मूल्य निर्धारित करने तथा गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चीनी मिलों की मनमानी पर नियंत्रण के लिए कठोर एवं पारदर्शी नियम लागू करने का सुझाव दिया गया।
किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से पारदर्शी वितरण प्रणाली लागू करने पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त फार्मर आईडी प्रक्रिया को सरल बनाने, ग्राम स्तर पर निःशुल्क पंजीकरण शिविर लगाने तथा तकनीकी कारणों से किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न होने देने की मांग भी उठाई गई।
प्राकृतिक आपदाओं और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों के लिए विशेष कर्जमुक्ति योजना लागू करने तथा कृषि ऋणों पर ब्याज दर कम करने का प्रस्ताव भी रखा गया। जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के विस्तार और किसानों को भविष्य में पुनः कर्जदार बनने से रोकने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
संगठन ने ब्रज क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए हाथरस जनपद में चौधरी चरण सिंह केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की। संगठन का मानना है कि इससे कृषि, बागवानी, दुग्ध उत्पादन एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा तथा युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
ज्ञापन में गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गो-संवर्धन को प्रोत्साहित करने तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने वाले किसानों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की मांग भी की गई। संगठन ने जैविक और प्राकृतिक खेती से प्राप्त उपज की खरीद सामान्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से दोगुने मूल्य पर किए जाने का प्रस्ताव रखा।
किसानों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति, किसान हितैषी बिजली दरें तथा नहरों, नलकूपों और सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संगठन का कहना है कि कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की लागत कम करने के लिए सिंचाई और बिजली की सुलभ व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। यदि किसानों को न्यायसंगत मूल्य, सस्ती कृषि लागत, सरल प्रशासनिक व्यवस्था और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाता है तो भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में और अधिक सशक्त होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हित में प्रस्तुत इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करेंगे। यदि केंद्र सरकार इन मांगों को स्वीकृति प्रदान करती है तो इससे देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार का मार्ग प्रशस्त होगा।
चिंतन शिविर में राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह तोमर, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अंशुल जैन, प्रदेश सचिव विशाल शर्मा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री हेमंत शर्मा एवं संतोष चाहर, प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र प्रधान, राष्ट्रीय प्रवक्ता सतवीर सिंह (सत्तो), सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सोनू फौजी, संरक्षक कृपाल सिंह, प्रदेश प्रवक्ता सीमा शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर संगठन के नव नियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।
भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह का तीन दिवसीय चिंतन शिविर , किसानों के हित में प्रधानमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
