हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के भूपतवाला स्थित श्री वासुदेव आश्रम में गुजरात के अहमदाबाद निवासी श्रद्धालु श्री लालजीभाई कानजीभाई कोरिया एवं उनके समस्त परिवार द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का भव्य एवं दिव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर कोरिया परिवार के सैकड़ों परिजन, रिश्तेदार एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंचकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

श्री लालजीभाई कानजीभाई कोरिया के तीनों सुपुत्र श्री महेशभाई कोरिया, श्री नरेशभाई कोरिया एवं श्री कमलेशभाई कोरिया अपने परिवार सहित कथा आयोजन में पूर्ण समर्पण भाव से सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। परिवार के सभी सदस्य इस धार्मिक आयोजन को अपने जीवन का सौभाग्य मानते हुए कथा के प्रत्येक कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
कथा के शुभारंभ से पूर्व महिलाओं ने स्वामी नारायण घाट से भव्य कलश यात्रा निकाली। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जयघोषों के बीच निकाली गई कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मां गंगा का पूजन किया और धर्मनगरी हरिद्वार की पावन भूमि पर श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ का संदेश दिया।

कथा में व्यासपीठ पर विराजमान श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर पूज्य श्री रत्नेश्वरी देवी जी अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान करा रही हैं। उनके प्रेरणादायी एवं ओजस्वी प्रवचनों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं तथा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के संदेश को आत्मसात कर रहे हैं।
इस अवसर पर गुजरात के प्रसिद्ध माटेल धाम से पधारे पूज्य स्वामी कोड़ीदास बापू भी कथा में सम्मिलित हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मानव जीवन को सदाचार, सेवा, प्रेम और ईश्वर भक्ति की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्ग है। उनके आशीर्वाद से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
कथा आयोजन में लगभग 600 श्रद्धालु अहमदाबाद एवं गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से हरिद्वार पहुंचे हैं, जिससे पूरा आश्रम भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया है। बताया गया कि हरिद्वार में श्री लालजीभाई कोरिया परिवार द्वारा आयोजित यह दूसरी श्रीमद्भागवत कथा है। इससे पूर्व भी परिवार द्वारा गुजरात में कई धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा चुका है।
इस अवसर पर श्री लालजीभाई कोरिया ने कहा कि हरिद्वार में मां गंगा के पावन तट पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करना उनके जीवन का परम सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा और संतों के आशीर्वाद से ही यह दिव्य आयोजन संभव हो पाया है। परिवार के सभी सदस्यों ने इस अवसर को अपने जीवन का अविस्मरणीय एवं गौरवपूर्ण क्षण बताया।
कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने हरिद्वार की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि यह नगरी केवल एक तीर्थ नहीं बल्कि सनातन संस्कृति, तप, त्याग और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत केंद्र है। मां गंगा के पावन तट पर कथा श्रवण करने से मन को शांति, आत्मा को पवित्रता और जीवन को नई दिशा प्राप्त होती है।
वक्ताओं ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, सत्य, करुणा और भक्ति का संदेश देती है। यह कथा मनुष्य को भगवान के प्रति समर्पण, परिवार में प्रेम, समाज के प्रति सेवा और जीवन में सदाचार अपनाने की प्रेरणा प्रदान करती है। कथा के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से भी जुड़ते हैं।
इस पावन अवसर पर श्री लालजीभाई कोरिया, श्री महेशभाई कोरिया, श्री नरेशभाई कोरिया, श्री कमलेशभाई कोरिया, दीपक परमार, निमेष पटेल, घनश्यामभाई सहित कोरिया परिवार के सभी सदस्य, रिश्तेदार एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा आश्रम भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया तथा श्रद्धालु श्रीमद्भागवत कथा के अमृतमय संदेशों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
