हरिद्वार, संवाददाता।ममता चौहान
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स, नई दिल्ली ने ज्वेलर्स एसोसिएशन, हरिद्वार के सहयोग से शहर में एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को प्रिवेंटिव हेल्थकेयर (रोकथाम आधारित स्वास्थ्य देखभाल) के महत्व से अवगत कराना तथा गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम में अपोलो हॉस्पिटल के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, महिलाओं के स्वास्थ्य, पाचन तंत्र और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि अधिकांश गंभीर बीमारियों का सफल उपचार तभी संभव है, जब उनकी पहचान शुरुआती चरण में हो जाए। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम, धूम्रपान एवं तंबाकू से दूरी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कई बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ पैनल में डॉ. राजीव राजपूत (सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट), डॉ. निखिल अग्रवाल (सीनियर कंसल्टेंट जीआई एवं एचपीबी सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ. पावनी अग्रवाल (सीनियर कंसल्टेंट गायनेक ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ. गौरव त्यागी (सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन), डॉ. अंशुल वर्मा (सीनियर कंसल्टेंट जीआई एवं एचपीबी सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) तथा डॉ. हर्षित गुप्ता (सीनियर कंसल्टेंट यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट) उपस्थित रहे।
हृदय रोगों पर विशेषज्ञों की सलाह
डॉ. राजीव राजपूत ने कहा कि हृदय रोग अक्सर बिना स्पष्ट लक्षणों के भी विकसित हो सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने नियमित हेल्थ चेकअप, संतुलित भोजन, व्यायाम और समय-समय पर आवश्यक जांच कराने की सलाह दी।
कैंसर की समय पर जांच है सबसे प्रभावी उपाय
डॉ. निखिल अग्रवाल ने कहा कि लीवर, पैंक्रियाज, गॉलब्लैडर और पाचन तंत्र के कैंसर का उपचार शुरुआती अवस्था में अधिक प्रभावी होता है। लगातार वजन घटना, भूख कम लगना, पीलिया, पेट दर्द या अन्य असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर एंडोस्कोपी, स्क्रीनिंग और जांच से बीमारी का जल्द पता लगाया जा सकता है।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जोर
डॉ. पावनी अग्रवाल ने कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार और कार्य की जिम्मेदारियों के कारण अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा कर देती हैं। लगातार पेट फूलना, पेल्विक दर्द, असामान्य ब्लीडिंग या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। नियमित स्त्री रोग जांच और कैंसर स्क्रीनिंग महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सिरदर्द और कमजोरी को हल्के में न लें
डॉ. गौरव त्यागी ने बताया कि लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, दौरे पड़ना या दृष्टि संबंधी समस्या न्यूरोलॉजिकल बीमारी के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक इमेजिंग और न्यूरोसर्जिकल तकनीकों के कारण अब जटिल बीमारियों का भी प्रभावी उपचार संभव है।
यूरोलॉजिकल कैंसर में शुरुआती पहचान जरूरी
डॉ. हर्षित गुप्ता ने कहा कि प्रोस्टेट, ब्लैडर और किडनी के कैंसर के मामलों में समय पर जांच और उपचार से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब लगना, पेशाब में तकलीफ या कमर दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि परिवार में किसी गंभीर बीमारी का इतिहास रहा हो या व्यक्ति को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, लिवर रोग अथवा अन्य जोखिम कारक हों, तो नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य करानी चाहिए। समय पर जांच न केवल बीमारी की गंभीरता को कम करती है, बल्कि मरीज के जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनाती है।
कार्यक्रम में ज्वेलर्स एसोसिएशन, हरिद्वार के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं शहर के अनेक लोगों ने भाग लिया। एसोसिएशन ने स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। वहीं इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स ने लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया।
