हरिद्वार, 16 जून। भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के तत्वावधान में जयपुरिया धर्मशाला, भूपतवाला हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन देशभर से बड़ी संख्या में किसान, संगठन पदाधिकारी एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। शिविर में कृषि क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों, किसानों की वर्तमान समस्याओं तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर व्यापक चर्चा की गई।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दौरान विभिन्न राज्यों से आए किसान नेताओं ने किसानों के समक्ष मौजूद समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने, फसलों के उचित मूल्य सुनिश्चित करने, सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, उर्वरकों एवं कृषि संसाधनों की समय पर उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। इसके अलावा किसान हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करते हुए सरकार तक किसानों की आवाज प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति बनाई गई।
शिविर में संगठन के विस्तार, युवा किसानों को संगठन से जोड़ने, किसान एकता को मजबूत करने तथा भविष्य में किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन चलाने पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठित प्रयास और मजबूत किसान नेतृत्व समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। ज्ञापन में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने, कृषि लागत कम करने तथा कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की मांग की गई।
भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान और उनकी आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए ऐसे चिंतन शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत है और भविष्य में भी किसानों के अधिकारों की लड़ाई आंदोलन तथा संवाद दोनों माध्यमों से जारी रखी जाएगी।
भारतीय मनु संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नू तोमर ने कहा कि तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और भविष्य की रणनीतियों पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि “किसान हित ही राष्ट्र हित है और किसान एकता ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है।” उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री संतोष चाहर, राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्यवीर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रवेन्द्र चौबे,
सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सोनू फौजी,
प्रदेश प्रवक्ता सीमा शर्मा, हिमांशु त्यागी, मेंबर सिंह रावत, फौरन सिंह रावत, अमर नोहवाड़, धर्मेंद्र तोमर, नरेंद्र गुर्जर, अमित चौधरी, निधिराज यादव, सुनीत चौधरी, रामगोपाल बघेल, निर्मला ठाकुर, आसिफ खान, कुलदीप त्यागी, राहुल शर्मा, पूजा, संगीता देवी, महेंद्र सिंह, केपी सिंह ठेनुआ, कृपाल सिंह, अनीता मित्तल सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
चिंतन शिविर का उद्देश्य किसानों की समस्याओं पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श कर उनके समाधान के लिए एक सशक्त रणनीति तैयार करना तथा किसान आंदोलन को नई दिशा प्रदान करना है। शिविर के आगामी सत्रों में संगठन की भविष्य की योजनाओं और किसान हितों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों की घोषणा किए जाने की संभावना है।
