हरिपुर कला स्थित श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सृष्टि विस्तार, वाराह अवतार और भक्त ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन

ममता चौहान( मुख्य संपादक )हरिद्वार उत्तराखंड

हरिद्वार, 10 जुलाई (संवाददाता)।
हरिपुर कला स्थित श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट में 8 से 14 जुलाई तक आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ जारी है। कथा के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और भगवान की दिव्य कथाओं का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे परिसर में भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन और जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कथा व्यास पंडित डॉ. ललित शर्मा जी ने श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस सृष्टि के विस्तार, भगवान के वाराह अवतार, भगवान कपिल के दिव्य उपदेश, समुद्र मंथन तथा भक्त ध्रुव एवं महात्मा विदुर के चरित्र का अत्यंत प्रेरणादायी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान वाराह ने पृथ्वी का उद्धार कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया, जबकि भगवान कपिल ने माता देवहूति को आत्मज्ञान, वैराग्य और भक्ति योग का उपदेश देकर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को स्पष्ट किया।


कथा के दौरान समुद्र मंथन प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि देवताओं और असुरों के संयुक्त प्रयास से प्राप्त चौदह रत्न यह संदेश देते हैं कि धैर्य, परिश्रम और सहयोग से ही अमृत स्वरूप सफलता प्राप्त होती है। भक्त ध्रुव के अटूट संकल्प, दृढ़ भक्ति और तपस्या का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सच्चे मन से की गई ईश्वर भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती। वहीं महात्मा विदुर के चरित्र के माध्यम से धर्म, नीति, विनम्रता और आदर्श गृहस्थ जीवन का संदेश दिया गया।


पंडित डॉ. ललित शर्मा जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, सेवा, भक्ति, सदाचार और संस्कारों से जोड़ने का दिव्य मार्ग है। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी भगवान का स्मरण, सत्संग और सेवा भाव अपनाकर मनुष्य अपना जीवन सफल बना सकता है।


श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंच रहे हैं। कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से की गई हैं।


कथा के आयोजक श्री सतीश पटेल एवं श्री विशाल पटेल (इंदौर) ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को कथा पूर्णाहुति, हवन, विशेष पूजन, भंडारा एवं प्रसाद वितरण के साथ सात दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा।

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