हरिद्वार, 11 जुलाई ममता चौहान (संवाददाता)।
हरिपुर कला स्थित श्री आनंद धर्मशाला ट्रस्ट (क्षत्रिय कलोता समाज) में 8 से 14 जुलाई तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और श्रीराम विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिमय वर्णन किया गया। कथा व्यास पं. डॉ. ललित शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतरण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान स्वयं पृथ्वी पर अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं।


श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान जैसे ही भगवान के प्राकट्य का वर्णन हुआ, पूरा कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया। महिलाओं ने मंगलगीत गाए, श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे और वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया। इसके पश्चात श्रीराम विवाह प्रसंग का भी अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
यह सात दिवसीय कथा बड़ा बागडदा (इंदौर) से पधारे श्री सतीश पटेल, श्री विशाल पटेल एवं समस्त पटेल परिवार के सौजन्य से आयोजित की जा रही है। आयोजकों ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराना उनके जीवन का परम सौभाग्य है और यह सब श्री बांके बिहारी जी की असीम कृपा से ही संभव हो पाया है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर अपने जीवन को धर्म, भक्ति और संस्कारों से जोड़ने का आह्वान किया।


कथा व्यास पं. डॉ. ललित शर्मा के मुखारविंद से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर रहे हैं। कथा स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण बना हुआ है तथा दूर-दूर से श्रद्धालु ज्ञान गंगा यज्ञ में सहभागी होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

इस अवसर पर श्री क्षत्रिय कलोता समाज के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुखदेव जी महाराज, श्री बहादुर सिंह पवार, श्री दिलीप ठाकुर, श्री योगेंद्र गहलोत, श्री केदार पटेल, श्री गजराज सिंह गहलोत, श्री यशवंत ठाकुर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
