हरिद्वार, संवाददाता।
धनश्याम भवन, भूपतवाला में आयोजित श्रीराम कथा के समापन अवसर पर व्यासपीठ से पूज्य श्री महंत किशन दास महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुसरण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीराम केवल एक धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श राजा और आदर्श मानव के रूप में समूची मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को मर्यादा, सत्य, सेवा, करुणा और भाईचारे जैसे मूल्यों की सबसे अधिक आवश्यकता है। श्रीराम का चरित्र हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव से श्रीराम नाम का स्मरण किया और अपने जीवन में सदाचार एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।
समापन अवसर पर आयोजित संत भंडारे में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का वातावरण बना रहा। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और संस्कारों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का दिया संदेश, श्रद्धालुओं ने लिया धर्ममार्ग पर चलने का संकल्प
