हरिद्वार, संवाददाता।ममता चौहान
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत स्वामी रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म और संत समाज पर सुनियोजित तरीके से हमले किए जा रहे हैं। ऐसे समय में संत समाज, अखाड़ों और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले सभी लोगों को एकजुट होकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म और संत समाज के सम्मान एवं संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं, उनका सहयोग और संरक्षण करना अखाड़ा परिषद की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि संत समाज को हर परिस्थिति में संगठित रहकर सनातन धर्म की रक्षा के लिए कार्य करना चाहिए। आपसी मतभेदों को भुलाकर सभी अखाड़ों को एक मंच पर आना होगा, क्योंकि एकता ही संत समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। इसी एकजुटता के बल पर धर्म और समाज के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा की जा सकती है।
श्रीमहंत स्वामी रविंद्र पुरी ने अखाड़ों के बीच चल रहे विवादों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का मतभेद संत समाज की गरिमा को कमजोर करता है। उन्होंने सभी संतों और अखाड़ों से समन्वय, भाईचारे और संवाद की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए संत समाज को एकजुट होकर समाज का मार्गदर्शन करना चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों में संगठन, समन्वय और पारस्परिक सहयोग ही सबसे बड़ा उत्तर है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी अखाड़े और संत मिलकर सनातन धर्म की मर्यादा, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए प्रभावी भूमिका निभाएंगे।
