ममता चौहान ( मुख्य संपादक ) हरिद्वार
ही छत के नीचे शिक्षा, कौशल एवं खेल प्रशिक्षण की समग्र सुविधा
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शिवालिक होलिस्टिक लर्निंग सेंटर का शुभारम्भ शिवड़ेल स्कूल परिसर में किया गया | यह केंद्र बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास एवं खेल प्रशिक्षण प्रदान करने की एक अभिनव पहल है। संस्था के संचालकों ने बताया कि वर्तमान समय में केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, संचार कौशल, रचनात्मकता तथा शारीरिक दक्षता पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इस केंद्र की स्थापना की गई है, जहाँ अकादमिक कोचिंग, कला एवं कौशल प्रशिक्षण तथा प्रोफेशनल स्पोर्ट्स कोचिंग एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्र में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए कॉन्सेप्ट क्लैरिटी, राइटिंग स्किल एवं कम्युनिकेशन स्किल पर आधारित शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, जबकि कक्षा 6 से आगे विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विषयवार कोचिंग दी जाएगी। प्रत्येक छात्र की प्रगति का मासिक मूल्यांकन कर अभिभावकों को रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए डांस, म्यूजिक, पेंटिंग एवं सेल्फ डिफेन्स जैसे कौशल विकास पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। संस्था ने जानकारी दी कि डांस, म्यूजिक एवं पेंटिंग के कोर्स प्रयाग संगीत समिति से संबद्ध होंगे तथा कोर्स पूर्ण होने पर विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।
खेल प्रशिक्षण के अंतर्गत क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल एवं जिम्नास्टिक की प्रोफेशनल कोचिंग प्रशिक्षित एवं योग्य कोचों द्वारा दी जाएगी। समय-समय पर खेल प्रतियोगिताओं एवं टूर्नामेंट का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित हो सके।
संस्था का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही उनकी रुचियों को पहचानने, उन्हें सही दिशा देने तथा उनकी प्रतिभा को भविष्य के करियर मार्गों से जोड़ने का अवसर प्रदान करना है। संस्था का मानना है कि यदि बच्चों को छोटी आयु से ही उचित वातावरण, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले तो वे अपनी रुचियों को ही भविष्य में सफलता का आधार बना सकते हैं।
शिवालिक होलिस्टिक लर्निंग सेंटर का ध्येय वाक्य “सा विद्या या विमुक्तये” है, जिसका आशय है— वही शिक्षा सार्थक है जो व्यक्ति की क्षमता को मुक्त कर उसे आगे बढ़ाए।
संस्था की प्रबंधक श्रीमती आकांक्षा श्रीवास्तव द्वारा अभिभावकों से अपील की गई है कि वे इस नई पहल का लाभ उठाते हुए अपने बच्चों को समग्र विकास के इस मंच से अवश्य जोड़ें।
